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भारत वाटवानी और सोनम वांगचुक को दिया गया रेमम मैग्‍सेस अवार्ड

भारत वाटवानी और सोनम वांगचुक को दिया गया रेमम मैग्‍सेस अवार्ड

Post By : Dastak Admin on 01-Sep-2018 11:04:06

sonam vangchuk, bharat vatwani, raman magsese


नई दिल्ली: एशिया का नोबेल पुरस्कार कहा जाने वाला रेमम मैग्सेसे पुरस्कार इस बार कुल छह लोगों को दिया गया है जिनमें दो भारतीय भी शामिल हैं. यह प्रतिष्ठित पुरस्कार सड़कों पर मानसिक रूप से बीमार लोगों के लिए काम करने वाले मनोचिकित्सक 'भारत वाटवानी'  को दिया गया. वहीं आर्थिक प्रगति के लिए विज्ञान और संस्कृति को रचनात्मक रूप से काम में लाकर लद्दाखी युवकों की जिंदगियां बदलने वाले 'सोनम वांगचुक' को 2018 का प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार दिया गया. रेमन मैग्सेसे अवार्ड फाउंडेशन ने इस मौके पर विजेता को दिए प्रशस्ति पत्र में वाटवानी के कार्यों का भी उल्लेख किया.


मुंबई के वाटवानी और उनकी पत्नी ने सड़कों पर रहने वाले मानसिक रूप से बीमार लोगों को इलाज के लिए उनके निजी क्लिनिक पर लाने का अभियान शुरू किया जिसके चलते उन्होंने 1988 में 'श्रद्धा रिहेब्लिटेशन फाउंडेशन' स्थापित किया. इसका मकसद सड़कों पर रह रहे मानसिक रूप से बीमार लोगों को बचाना, उन्हें निशुल्क आवास, भोजन और मनोचिकित्सा मुहैया कराना और उन्हें उनके परिवारों से फिर से मिलाना है.


51 साल वांगचुक को सुदूर उत्तर भारत में शिक्षा प्रणाली में उनके अनोखे व्यवस्थित, सहयोगपूर्ण और सामुदायिक सुधार के लिए जाना जाता है जिससे लद्दाखी युवाओं की जिंदगियों में सुधार आया. वांगचुक श्रीनगर एनआईटी में के इंजीनियरिंग के छात्र थे जब वे अपनी स्कूलिंग का खर्च उठाने के लिए ट्यूशन पढ़ाने लगे. साल 1988 में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद वांगचुक ने स्टूडेंट्स एजुकेशन एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख की स्थापना की और ऐसे लद्दाखी छात्रों को कोचिंग देनी शुरू की जिनमें से 95 प्रतिशत छात्र सरकारी परीक्षाओं में फेल हो जाते थे.


भारत वाटवानी और सोनम वांगचुक के अलावा पुरस्कार पाने वालों में कोलंबिया के 'युक चांग', ईस्ट तिमोर की 'मारिया डी लॉर्दिस मार्टिंस क्रूज', फिलीपीन के 'हॉवर्ड डी' और वियतनाम के 'वो थी होआंग येन' का नाम शामिल है. प्रत्येक विजेता को एक सर्टिफिकेट, एक पदक और नकद पुरुस्कार दिया गया.


एशिया के व्यक्तियों एवं संस्थाओं को उनके अपने क्षेत्र में विशेष रूप से उल्लेखनीय कार्य करने के लिये प्रदान किया जाता है. इसे प्राय: एशिया का नोबेल पुरस्कार भी कहा जाता है. यह रमन मैगसेसे पुरस्कार फाउन्डेशन की तरफ से फ़िलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रमन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.


एशिया महादेश के लोगों, संस्थाओं को संबंधित क्षेत्र में विशेष रुप से उल्लेखनीय कार्य करने के लिए दिया जाता है. 1957 में स्थापित यह रमन मैगसेसे पुरस्कार फाउन्डेशन की तरफ से फ़िलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रमन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

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