खास खबरें प्रत्याशी एवं मकान मालिक की सहमति से ही झंडे बैनर लगाये जायें, कानून सबके लिये समान सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने आसियान बैठक लिया हिस्‍सा पाकिस्‍तान : 18 दिन से लापता पेशावर के एसपी का शव अफगानिस्‍तान में मिला महिला टी-20 वर्ल्ड कप : भारत का आज आयरलैंड से मुकाबला, सेमीफाइनल में जगह बनाने खेलेगा भारत अमित शाह का राहुल गांधी पर तंज, सिर्फ मोदी जी की बात कर अपना प्रचार कर रहे है या भाजपा का रणवीर की दुल्‍हन बनी दीपिका की फोटो हुई वायरल निफ्टी 10600 के करीब, सेंसेक्स 35200 के पार मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मतदाताओं की सुविधा के लिये ऑडिओ, वीडियो सी.डी. मोबाईल एप्प और मार्गदर्शिका का विमोचन किया फडणवीस को मिली थोड़ी राहत, मराठा आरक्षण के लिए रास्‍ता साफ गोपाष्‍टमी : गाय की पूजा से प्रसन्‍न होते है सभी देवता, मिलती है सुख-समृद्धि

कैसे हुई राष्‍ट्रीय खेल दिवस की शुरूआत ?

कैसे हुई राष्‍ट्रीय खेल दिवस की शुरूआत ?

Post By : Dastak Admin on 29-Aug-2018 08:26:08

major dhayanchand, national sports day


राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त को हॉकी के महान् खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के दिन मनाया जाता है। दुनिया भर में 'हॉकी के जादूगर' के नाम से प्रसिद्ध भारत के महान् व कालजयी हॉकी खिलाड़ी 'मेजर ध्यानचंद सिंह' जिन्होंने भारत को ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक दिलवाया, उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए उनके जन्मदिन 29 अगस्त को हर वर्ष भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त सन्‌ 1905 ई. को इलाहाबाद  में हुआ था। जानते हैं ध्यानचंद के जीवन से जुड़ी अहम बातें।

* क्रिकेट में जो स्थान डॉन ब्रैडमैन, फुटबॉल में पेले और टेनिस में रॉड लेवर का है, हॉकी में वही स्थान ध्यानचंद का है।

* 21 वर्ष की उम्र में उन्हें न्यूजीलैंड जानेवाली भारतीय टीम में चुन लिया गया। इस दौरे में भारतीय सेना की टीम ने 21 में से 18 मैच जीते।

* 23 वर्ष की उम्र में ध्यानचंद 1928 के एम्सटरडम ओलंपिक में पहली बार हिस्सा ले रही भारतीय हॉकी टीम के सदस्य थे। यहां चार मैचों में भारतीय टीम ने 23 गोल किए।

* ध्यानचंद के बारे में मशहूर है कि उन्होंने हॉकी के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल किए।

* 1932 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत ने अमेरिका को 24-1 के रिकॉर्ड अंतर से हराया। इस मैच में ध्यानचंद और उनके बड़े भाई रूप सिंह ने आठ-आठ गोल ठोंके।

* 1936 के बर्लिन ओलंपिक में ध्यानचंद भारतीय हॉकी टीम के कप्तान थे। 15 अगस्त, 1936 को हुए फाइनल में भारत ने जर्मनी को 8-1 से हराया।

* 1948 में 43 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतरराट्रीय हॉकी को अलविदा कहा।

* हिटलर ने स्वयं ध्यानचंद को जर्मन सेना में शामिल कर एक बड़ा पद देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने भारत में ही रहना पसंद किया।

* वियना के एक स्पोर्ट्स क्लब में उनकी एक मूर्ति लगाई गई है, जिसमें उनको चार हाथों में चार स्टिक पकड़े हुए दिखाया गया है।

* 1956 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनके जन्मदिन को भारत का राष्ट्रीय खेल दिवस घोषित किया गया है।

* इसी दिन खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।

* विश्व हॉकी जगत के शिखर पर जादूगर की तरह छाए रहने वाले मेजर ध्यानचंद का 3 दिसम्बर, 1979 को देहांत हो गया।

* झांसी में उनका अंतिम संस्कार किसी घाट पर न होकर उस मैदान पर किया गया, जहां वो हॉकी खेला करते थे।

* अपनी आत्मकथा 'गोल' में उन्होंने लिखा था, आपको मालूम होना चाहिए कि मैं बहुत साधारण आदमी हूं।

कार्यक्रम
इसी दिन उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रपति भवन में भारत के राष्ट्रपति खेलों में विशेष योगदान देने के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से सम्मानित करते हैं, जिसमें राजीव गांधी खेल रत्न, ध्यानचंद पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कारों के अलावा तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार प्रमुख हैं। इस अवसर पर खिलाड़ियों के साथ-साथ उनकी प्रतिभा निखारने वाले कोचों को भी सम्मानित किया जाता है। इसके अतिरिक्त् लगभग सभी भारतीय स्कूल और शिक्षण संस्थान 'राष्ट्रीय खेल दिवस' के दिन अपना सालाना खेल समारोह आयोजित करते हैं। पंजाब और चंडीगढ़ में यह दिन बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।

Tags: major dhayanchand, national sports day

Post your comment
Name
Email
Comment
 

ज्ञान/ विज्ञान

विविध