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क्‍यों अशुभ होता है गणेश चर्तुथी पर चन्‍द्रमा को देखना

क्‍यों अशुभ होता है गणेश चर्तुथी पर चन्‍द्रमा को देखना

Post By : Dastak Admin on 12-Sep-2018 22:02:14

kalanki chaturthi, chandra darshan


चतुर्थी के चंद्रमा का दर्शन करना वर्जित है। मान्यता है कि चतुर्थी का चांद देखने से जीवन में कलंक लगा सकता है। भगवान श्री कृष्ण भी इस कलंक से बच नहीं सके थे और उन्हें भी स्यमंतक मणि चुराने के झूठे आरोप का सामना करना पड़ा था। जानते हैं वह पौराणिक कहानी, जिसमें बताया गया है कि क्यों मिला था चंद्रमा को श्राप...

एक बार ब्रह्माजी ने चतुर्थी के दिन गणेशजी का व्रत किया था। गणेशजी ने प्रकट होकर वर मांगने को कहा, तो ब्रह्माजी ने कहा कि मुझे सृष्टि की रचना करने का मोह न हो। गणेशजी ने इसका वरदान दिया और जाने लगे। तब गणेशजी व्यक्तित्व को देखकर चंद्रमा ने उनका मजाक उड़ाया।

इस पर क्रोधित होकर गणेशजी ने चंद्रमा को श्राप दिया कि आज से कोई तुम्हारा दर्शन नहीं करेगा। ऐसा करने वाले को जीवन में झूठे आरोपों का सामना करना होगा और वह प्रताणित रहेगा।

श्राप के डर से चंद्रमा मानसरोवर की कुमुदिनियों में जा छिपा, जिसके बिना जगत में प्राणियों को कष्ट होने लगा। तब ब्रह्माजी की आज्ञा से सारे देवताओं ने गणेशजी का व्रत किया। इससे प्रसन्न होकर गणेशजी ने वरदान दिया कि चंद्रमा श्राप से मुक्त तो नहीं हो सकता, लेकिन भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को, जो भी चंद्रमा के दर्शन करेगा, उस पर झूठा आरोप जरूर लगेगा।

हालांकि, जो मनुष्य प्रत्येक द्वितीया को चंद्रमा का दर्शन करेगा, वह इस लांछन से बच जाएगा। इस चतुर्थी को सिद्धिविनायक व्रत करने से सारे दोष छूट जाएंगे। श्रीकृष्ण ने भी अपने ऊपर लगे स्यमंतक मणि की चोरी के झूठे आरोप से मुक्त होने के लिए यही व्रत किया था।

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