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बंधुआ मजदूरी गैर कानूनी, विभाग करें है सर्वे - कलेक्टर श्री सिंह

बंधुआ मजदूरी गैर कानूनी, विभाग करें है सर्वे - कलेक्टर श्री सिंह

Post By : Dastak Admin on 18-Sep-2018 22:19:43

bandhua majdur

 

खरगौन | किसी भी तरह का बंधुआ मजदूर गैर कानूनी है। ऋण दाता या साहूकार अपने पास आए निर्बल को ऋण या कुछ रकम या नगद देकर उसे बंधक के रूप में रूपए या ऋण की वसूली करता है। उस ऋणी द्वारा कहीं और काम पर जाने से पूर्व बार-बार ऋण चुकाने के लिए बाध्य किया जाता है। ऐसे प्रकरणों या मामलों पर प्रशासन अब उचित कार्यवाही करेगा। मंगलवार को कलेक्टर श्री शशि भूषण सिंह ने अपनी अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में इन मसलों पर विस्तार से चर्चा की। विस्तार से जानने के बाद श्रम अधिकारी सहित संबंधित अनुभागों के राजस्व अधिकारी व तहसीलदारों को भी ऐसे मामले में कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने व आगामी समय में ऐसा किसी के साथ न हो, इसके लिए जिला स्तरीय सतर्कता समिति बनाई गई है। श्रम अधिकारी श्री एएस अलावा ने इस संबंध में समिति के समक्ष बिंदु रखे। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री डी कल्याण चक्रवर्ती, जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती शकुंतला डामोर, केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध संचालक श्री मुकेश बार्चे व सदस्य श्री आशुतोष पुरोहित उपस्थित रहे।
श्रम विभाग करेगा सर्वे की कार्यवाही
    बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि समय-समय पर जिले के संदेहास्पद क्षेत्रों, ढ़ाबों, होटलों, साहूकारों व किसानों का सर्वे करें, जहां बंधुआ मजदूरी करने की संभावनाएं है। किसी भी स्थान पर ऐसा प्रतित हो, तो इस संबंध में संबंधित एसडीएम व तहसीलदार के साथ मिलकर कार्यवाही करें। बंधुआ मजदूरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर और सभी अनुभाग स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। बंधित श्रमपद्धति अधिनियम की धारा 16 के तहत कोई व्यक्ति, जो बंधित श्रम कराने के लिए किसी व्यक्ति को विवश करता है, तो उसे 3 वर्ष का कारावास या दो हजार रूपए के जुर्माने से दंडित किया जा सकेगा।

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