खास खबरें ग्रुप डिस्कशन और सेमिनार से बता रहे भोजन में सब्जियां लें, जंकफूड न खाए 2025 तक इंसानों से ज्यादा काम करेंगी मशीनें : वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम माता-पिता की इस लत के खिलाफ बच्‍चों ने सड़कों पर किया विरोध प्रदर्शन क्रिकेट टीम कप्तान विराट कोहली और वेटलिफ्टर मीराबाई चानू को राजीव गांधी खेल रत्न देने की सिफारिश अजय माकन ने दिया दिल्‍ली कांग्रेस के अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा कैंसर के मुश्किल जंग जीतने के बाद 46 की उम्र में लीजा बनी जुड़वा बेटियों की मॉं सेंसेक्स 37650 के करीब, निफ्टी 11400 के ऊपर कर्तव्यों का निर्वहन सिखाते हैं विश्वविद्यालय : राज्यपाल श्रीमती पटेल रेवाड़ी गैंगरेप : मुख्‍य आरोपी निशु पहले भी कर चुका है ऐसी वारदात चौथे दिन उत्तम शौच धर्म की पूजा के साथ, अपनी वाणी को अपने मन को अपने कर्मों को उत्तम बनाना ही शौच धर्म है

होटल शिप्रा और उज्जयिनी के बाहर निगम की जमीन पर अतिक्रमण, नहीं किसी का ध्यान

Post By : Dastak Admin on 14-Mar-2018 10:16:20

उल्लू बनाया

उज्जैन @ शहर में जब भी कोई दुकानदार या मकान मालिक अपने घर के बाहर अतिक्रमण कर लेते है तो निगम सख्ती से कार्रवाई करते हुए उसे हटा देती है, लेकिन यदि शासन का कोई विभाग निगम की जमीन पर अतिक्रमण करे तो इस और कोई ध्यान नहीं देता। उज्जैन के माधवनगर रोड़ पर इस तरह का ही एक मामला देखने को मिला है। दरअसल पर्यटन विभाग की होटल शिप्रा और उज्जयिनी के बाहर नगर निगम की सीमा में करीब 5 फीट जगह पर होटल ने चैन लगाकर अतिक्रमण कर लिया है। इस चैन लगने के कारण वाहन चालक सड़क पर अपनी पार्किँग कर रहे है। लेकिन निगम इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

अपनी जानकारी दे

नाम
ई-मेल
मोबाइल
फोटो

आपके समाचार

शब्द प्रारूप और पाठ प्रारूप में समाचार फ़ाइल

Subscribe Newsletter




आपका वोट

किसानों ने बैंको से ऋण ले रखा था किंतु अब वे उसे चुका नही पा रहे हैं। क्या किसानों के बैंक ऋण सरकार को माफ करना चाहिए ?
हां
88%
ujjain poll
नहीं
10%
पता नहीं
1%
सर्वेक्षण

अपना राशिफल देखें

मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन
मेष

ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी। विद्यार्थियों को अधिक परिश्रम की आवश्‍यकता रहेगी। मित्र मददगार साबित होंगे। सामाजिक क्षेत्र में वर्चस्‍व बढ़ेगा। ईश्‍वर के प्रति आस्‍था बढ़ेगी।

महाकाल आरती समय

dastak news ujjain

  महाकाल आरती समय

आरती

चैत्र से आश्विन तक

कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फाल्गुन पूर्णिमा तक

भस्मार्ती

प्रात: 4 बजे श्रावण मास में प्रात: 3 बजे

प्रातः 4 से 6 बजे तक।

दध्योदन

प्रात: 7 से 7:45 तक

प्रात: 7:30 से 8:15 तक

महाभोग

प्रात: 10 से 10:45 तक

प्रात: 10:30 से 11:15 तक

सांध्य

संध्या 5 से 5:45 तक

संध्या 5 से 5:45 बजे तक

सांध्य

संध्या 7 से 7:45 तक

संध्या 6:30 से 7:15 तक

शयन

रात्रि 10:30 बजे

रात्रि 10:30 से 11 बजे तक

आज का विचार

    “सामने पर कड़वा बोलने वाले लोग कभी धोखा नहीं देते। डरना तो मीठा बोलने वालों से चाहिए जो दिल में नफरत पालते है और समय के साथ बदल जाते है।” - अज्ञात

Games