कुछ नया करने के लिए उम्र बाधा नहीं
कुछ नया करने के लिए उम्र बाधा नहीं
Post By : Dastak Admin on 18-May-2026 14:20:51
संदीप कुलश्रेष्ठ
यदि कोई व्यक्ति यह ठान ले कि उसे कुछ नया करना है। सकारात्मक करना है। पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधे लगाना है, तो ईश्वर भी उसका साथ देता है। ऐसा ही एक उदाहरण हाल ही में सामने आया है। राजस्थान के जोधपुर से रिटायर्ड प्रिन्सिपल प्रसन्नपुरी गोस्वामी आज भी 79 वर्ष की उम्र में भी हरियाली के मिशन में जुटे हुए हैं।
तीन पहाड़ियों को किया हरा-भरा -
श्री प्रसन्नपुरी गोस्वामी मेहरानगढ़ सहित तीन पहाड़ियों पर 30 हेक्टेयर में अभी तक ढाई लाख पौधे लगा चुके है। तीनों पहाड़ियों को उन्होंने हरा-भरा कर दिया है। 1985 से उन्होंने यह मिशन श्ुारू किया था, जो आज भी जारी है। सन 2005 में 28 वर्षीय बेटे को खोने के बाद भी उनका जज्बा कायम है।
तीन सूत्र का किया पालन -
श्री प्रसन्नपुरी गोस्वामी ने अपने क्षेत्र को हरा- भरा करने और पर्यावरण की रक्षा के लिए तीन सूत्र अपनाएं। पहला सूत्र है, अटल संकल्प। प्रसन्नपुरी ने एक-एक बाल्टी से पौधों को सींचकर बड़ा किया। वे इन पौधों को अपना बेटा मानते हैं। उनका दूसरा सूत्र है, दुख से टूटे नहीं। 2005 में अपने बेटे को खोने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी वे इस दुख से टूटे नहीं और पहले की तरह पेड़ांे की देखभाल में जुटे रहे। उनका तीसरा सूत्र है, निरन्तर प्रकृति सेवा। उनका प्रकृति से प्रेम चार दशक से भी ज्यादा पुराना हो गया है। करीब 40 साल से वे इस हरियाली मिशन में जुटे हुए हैं।
अन्य लोग लें प्रेरणा -
राजस्थान के जोधपुर निवासी प्रसन्नपुरी गोस्वामी ने अपने क्षेत्र की तीन पहाड़ियों को हरा-भरा कर अन्य लोगों को प्रेरणा दी है। राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर के लोगों को इससे प्रेरणा लेकर अपने-अपने क्षेत्र में पौधे लगाना चाहिए और उसकी बेटे की तरह देखभाल करना चाहिए। राज्य सरकार को भी उनके कार्य की सराहना करते हुए अन्य लोगों को प्रेरित करने का पुरजोर प्रयास करना चाहिए, ताकि अन्य लोग भी इस मुहिम में जुड़े और एक व्यक्ति से शुरू हुआ यह अभियान महाअभियान का रूप लें।
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